Good News Monsoon 2025 मौसम विभाग की तरफ से इस बार मानसून को लेकर बड़ी अपडेट जारी कर दी गई है इस बार केरल में मानसून पिछले वर्ष की तुलना में चार दिन पहले ही पहुंचने वाला है ऐसे में इस बार मौसम विभाग ने बताया है कि इस वर्ष देश भर में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बारिश होगी इसके साथ ही इस बार का मानसून भी लोगों के बड़ी राहत दे सकता है पिछले वर्ष जहां मानसून 1 जून को केरल में पहुंचा था लेकिन इस बार मानसून ने तेजी दिखाई है जिस वजह से इस बार मानसून 27 मई को ही केरल पहुंचने की संभावना है
मानसून बनाएगी 16 वर्षों का नया रिकॉर्ड
मौसम विभाग की तरफ से बताया गया है अगर मानसून इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 4 दिन पहले पहुंचता है तो यह पहली बार देखने को मिलेगा की 2009 में मानसून 23 मई को केरल पहुंचा था 16 साल बाद ऐसा एक बार फिर से देखने को इस बार मिल सकता है इस बार मानसून 27 में को केरल पहुंचने की संभावना मौसम विभाग की तरफ से जताई गई है कि दक्षिण पश्चिम मानसून 8 जुलाई तक पूरे देश में छा जाता है और इस बार मानसून 8 जुलाई से लेकर 17 सितंबर तक रहने की संभावना मौसम विभाग की तरफ से पहले से ही जाता दी गई है 17 सितंबर के बाद मानसून वापस होना शुरू हो जाता है और 15 अक्टूबर तक मानसून पूरी तरह से वापस चला जाता है
पिछले वर्षों में कब-कब केरल पहुंचा मानसून
पिछले वर्षों के मानसून को केरल पहुंचने की बात की जाए तो 2023 में 8 जून को मानसून केरल पहुंचा था जबकि 2022 में 29 मई को मानसून केरल पहुंचा था 2021 में 3 जून को मानसून केरल पहुंचा था जबकि 2020 की बात की जाए तो 1 जून को मानसून ने केरल में दस्तक दी थी 2019 में 8 जून को मानसून ने दस्तक दी थी जबकि 2018 में 29 मई को मानसून ने केरल में दस्तक दी थी ऐसे में मौसम विभाग के एक अधिकारी की तरफ से जानकारी दी गई है कि मानसून का केरल पहुंचने से यह मतलब नहीं है कि पूरे देश में बारिश की शुरुआत हो जाएगी अच्छी बारिश के लिए कई पैरामीटर जरूरी होते हैं इसके लिए सबसे ज्यादा क्षेत्रीय और स्थानीय स्थिति पर मानसून निर्भर करता है
मौसम विभाग ने इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में अधिक वर्षा की संभावना जताई
मौसम विभाग की तरफ से इस बार पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव यह रविचंद्रन की तरफ से बताया गया है कि इस बार मानसून भारत में 4 महीने रहने वाला है इसके साथ यह मानसून जून से सितंबर महीने तक भारत में रहेगा ऐसे में इस बार पिछले वर्षों की तुलना में सामान से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है मौसम विभाग की तरफ से पिछले वर्षों के सचाई वर्षा 87 सेंटीमीटर के औसत को इस बार बढ़कर 105 प्रतिशत अधिक वर्षा का अनुमान जताया जा रहा है मौसम विभाग में बताया है कि 50 वर्ष का औसत 87 सेंटीमीटर का 96% से लेकर 104 परसेंट के बीच होने वाली वर्ष समान होती है लेकिन इस बार 105 प्रतिशत अधिक वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है